आजकल लोगों को पहचानना बहुत ही मुश्किल हो गया है आए दिन हमारे जीवन में ऐसी घटनाओं का हमें सामना करना ही पड़ता है इसके बाद हमें पछतावा होता है कि हम ऐसे लोगों के साथ जुड़े ही क्यों थे।
लोगों के शब्दों पर नहीं, उनके इरादों पर गौर किया करो
क्योंकि कोई डांटकर भी आपका अच्छा चाहता है,
तो कोई हंसकर भी जड़ें काट देता है।
कई बार लोग मीठी वाणी या मुस्कान के पीछे अपने स्वार्थ और बुरे इरादों को छुपा लेते हैं, जिससे पहचानना मुश्किल हो जाता है।
इसके विपरीत, कुछ लोग स्वभाव से सख्त या सीधे होते हैं जो डांटकर या सच बोलकर आपका मार्गदर्शन करते हैं और आपकी भलाई सोचते हैं।
मिलते हैं किसी और अनमोल विचार के साथ तब तक के लिए आपका सवाई सिंह


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