सवागत है

आपका "आज का आगरा" ब्लॉग पर सवागत है यह ब्लॉग मेरे मम्मी-पापा को समर्पित!..."वन्दे मातरम्" .सवाई सिंह

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शनिवार, अगस्त 29

अपने आपको बना लीजिए बिजी सारी प्रॉब्लम सॉल्व.

अपने आपको बना लीजिए बिजी सारी प्रॉब्लम सॉल्व

अपने जीवन में इतने बिजी रहिए है कि पछतावाा, दुख, दर्द ओर नफरत के लिए समय ही ना बचे याद रखें जीवन में खाली व्यक्ति की सबसे अधिक दुखी रहता है 

यह बात मैं इसलिए कह रहा हूं कि ऐसा मैंने खुद ने कई बार अनुभव किया है क्योंकि जब हम काम कर रहे होते हैं हमें कोई दूसरी बातें याद ही नहीं रहती लेकिन जब हम खाली बैठे होते हैं तो हमें वह सारी बातें याद आती है जो हमारे साथ घटती है और उसके बाद हम लोगों को दुख, तकलीफ, पछतावा होने लगता है इसीलिए आज से ही अपने आप को सबसे बिजी (व्यस्त) बना लीजिए सारी प्रॉब्लम सॉल्व धन्यवाद आपका सवाई सिंह राजपुरोहित 

 और चलते चलते आज का यह अनमोल विचार

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कुछ भी अच्छा या बुरा नहीं होता 

बस सोच उसे ऐसा बनाती है.

- विलियम शेक्सपीयर

 फिर मिलते हैं नए विचार के साथ ....



बुधवार, अगस्त 26

मरने के बाद न जाने लोग इतनी अच्छाईयाँ कहाँ से ढूंढ लाते है!

नमस्ते दोस्तों 

 जिंदगी में जीते जी लोग जीने नहीं देते लेकिन मरने के बाद उस व्यक्ति के अंदर इतनी खूबियां निकाल लेते हैं समझ नहीं आता कि उस व्यक्ति को अपनी खूबियों को सुनने के लिए मरना पड़ता है.

 कोई व्यक्ति लाख अच्छे काम करें लेकिन उसके बावजूद व्यक्ति उसमें से कोई ना कोई कमियां जरूर निकालते हैं लेकिन इन कमियों से आप लोग घबराए नहीं . एक कहावत है जो आलोचक और जो कमियां निकालते हैं वही हमारे सच्चे मित्र होते हैं और जीवन में आगे बढ़ने के लिए इन लोगों का साथ होना बहुत जरूरी है इसीलिए जब कभी कोई आपकी कमियां निकाले तो घबराए बिल्कुल भी नहीं। आप अपना काम करतेे रहे क्योंकि लाखों लोग सो रहे होते हैं पर सूरज हमेशा निकलताा है अंधकार को चीरते हुए.

चलते चलते आज का अनमोल विचार

 जिंदे रहते हैं 

 "तब तक लोग कमीयाँ ही निकालते रहते है,, 

"मरने के बाद न जाने लोग इतनी

 अच्छाईयाँ कहाँ से ढूंढ लाते है! "

 आप सभी मित्रों को राधा अष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

"प्रेम से बोलो जय श्री राधे"


Sangharsh karne walon ki Haar nahi Hoti

Yah baat ekadam Satya hai ki jo vyakti Apne Jeevan Me Sangharsh Karta rahata Hai vah Kabhi Haarta Nahin Hai ho sakta hai use kamyabi kuch Samay Baad Mile per milati Jarur hai isliye Jivan Me Hamesha Sangharsh Karte Rahana chahiye.
 aur
Chalte Chalte aaj ka Anmol Vichar....
जो मुट्ठी भर लोग हमारे मुकद्दर को
 गिराने की सोच रहे हैं।
शायद उनको पता नही की...
संघर्षो की गोद में बैठकर चलने वाले की 
                         नाव कभी डूबा नही करती।                                     

मंगलवार, अगस्त 25

रिश्ता ना रखो लेकिन विश्वास जरूर रखना.

रिश्ता रखो या ना रखो पर विश्वास जरूर रखना 

क्योंकि

जहां विश्वास होता है वहां रिश्ते अपने आप बन जाते हैं.

जीवन में किसी को रुलाकर हवन भी करवाओगे तो
       कोई फायदा नहीं
 और 
अगर रोज किसी एक आदमी को भी हँसा दिया तो
 मेरे दोस्त
     आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरुरत नहीं

           कर्म ही असली भाग्य है

रविवार, अगस्त 16

ऐसे में ज़िंदगी बस घुटन भरी हो जाती है और रिश्ता होकर भी नाम का रहता है।

 


 

यही होता है जब रिश्ते में हम होते हैं। रिश्ते में एक ही इंसान कदर, समझ और प्यार का साथ देता है और त्याग करता रहता है मगर दूसरे इंसान को फीलिङ्ग्स की कोई कदर नहीं होती है। दूसरा इंसान फीलिङ्ग्स की परवाह नहीं करता है और अपने  खराब नेचर और व्यवहार के कारण दिल को दर्द और अकेलापन देता है। फिर एक तरफा रिश्ता निभाना , झुकना, सम्झौता करना  सुकून नहीं देता है। ऐसे में ज़िंदगी बस घुटन भरी हो जाती है और रिश्ता होकर भी नाम का रहता है।
यहां लोग अपनी गलती नहीं मानते किसी को अपना कैसे मानेंगे

सोमवार, अगस्त 10

दोस्त, किताब, रास्ता, सोच" गलत हो तो गुमराह कर देती हैं.

इन चार बातों को हमेशा सोच समझ कर चुनना क्योंकि एक तरफ आपकी जिंदगी बना सकते हैं तो दूसरी तरफ आपकी जिंदगी बिगाड़ सकते हैं.

 🌹"दोस्त"

          "किताब"

                "रास्ता"

                      "सोच"

      गलत हो तो गुमराह कर देती हैं....

और सही हो तो जीवन बना देती हैं.....!!








       

हमारे जीवन में अच्छे मित्र एवं आलोचकों का होना अति आवश्यक है

 

बुधवार, जुलाई 8

Munh per kuch aur Peeth Piche kuch aur Aise Logon se Savdhan Rhe

मुँह पर कुछ और पीठ पीछे कुछ और कहने वालों से मीटर नहीं किलोमीटरों का सोशियल डिस्टेंस रखिए, 
ऐसे लोग कोरोना के भी बाप हैं .
👏😊👏
 आज का अनमोल विचार 


🙏🙏

सोमवार, जून 29

खुशियां चाहे जिसके साथ बांट लो लेकिन

 आज हम जिस मतलबी दुनिया में रहते हैं उस को ध्यान में रखते हुए हमें खुशियां तो बेशक औरों के साथ बांट लो लेकिन गम सिर्फ भरोसेमंद के
साथ ही बांटने चाहिए ।
मस्त रहिए, मुस्कुराते रहिए तथा सुबह की चाय और बड़ो की राय समय-समय पर लेते रहना चाहिए 
 कोरोना के दौर में अपना और अपनों का ख्याल रखिये,
घर पर रहे, सुरक्षित रहे। ✍ सुगना फाउण्डेशन परिवा

शुक्रवार, अप्रैल 26

सपने हमेशा सच नहीं होते पर ज़िंदगी तो उम्मीद पर टिकी होती हैं।

कर्म, ज्ञान और भक्ति- ये तीनों जहाँ मिलते हैं वहीं सर्वश्रेष्ठ पुरुषार्थ जन्म लेता है। - अरविंद


उत्तम पुरुषों की संपत्ति का मुख्य प्रयोजन यही है कि औरों की विपत्ति का नाश हो।- रहीम

सपने हमेशा सच नहीं होते पर ज़िंदगी तो उम्मीद पर टिकी होती हैं।- रविकिरण शास्त्री

विश्व के निर्माण में जिसने सबसे अधिक संघर्ष किया है और सबसे अधिक कष्ट उठाए हैं वह माँ है।- हर्ष मोहन

पुरुष है कुतूहल व प्रश्न और स्त्री है विश्लेषण, उत्तर और सब बातों का समाधान। - जयशंकर प्रसाद

जो मनुष्य एक पाठशाला खोलता है वह एक जेलखाना बंद करता है। - अज्ञात

यशस्वियों का कर्तव्य है कि जो अपने से होड़ करे उससे अपने यश की रक्षा भी करें।- कालिदास

जब पैसा बोलता है तब सत्य मौन रहता है। - कहावत

मनुष्य अपना स्वामी नहीं, परिस्थितियों का दास है। -भगवतीचरण वर्मा

उदय होते समय सूर्य लाल होता है और अस्त होते समय भी। इसी प्रकार संपत्ति और विपत्ति के समय महान पुरुषों में एकरूपता होती है। - कालिदास

चापलूसी का ज़हरीला प्याला आपको तब तक नुकसान नहीं पहुँचा सकता जब तक कि आपके कान उसे अमृत समझ कर पी न जाएँ।- प्रेमचंद

मानव का मानव होना ही उसकी जीत है, दानव होना हार है, और महामानव होना चमत्कार है।- डॉ. राधाकृष्णन

अवसर तो सभी को ज़िंदगी में मिलते हैं किंतु उनका सही वक्त पर सही तरीक़े से इस्तेमाल कितने कर पाते हैं?- संतोष गोयल
विजय गर्व और प्रतिष्ठा के साथ आती है पर यदि उसकी रक्षा पौरुष के साथ न की जाय तो अपमान का ज़हर पिला कर चली जाती है।- मुक्ता

धैर्यवान मनुष्य आत्मविश्वास की नौका पर सवार होकर आपत्ति की नदियों को सफलतापूर्वक पार कर जाते हैं।- भर्तृहरि

सारा जगत स्वतंत्रता के लिए लालायित रहता है फिर भी प्रत्येक जीव अपने बंधनो को प्यार करता है। यही हमारी प्रकृति की पहली दुरूह ग्रंथि और विरोधाभास है। - श्री अरविंद

सत्याग्रह की लड़ाई हमेशा दो प्रकार की होती है। एक ज़ुल्मों के खिलाफ़ और दूसरी स्वयं की दुर्बलता के विरुद्ध। - सरदार पटेल

कष्ट ही तो वह प्रेरक शक्ति है जो मनुष्य को कसौटी पर परखती है और आगे बढ़ाती है। - सावरकर

संयम संस्कृति का मूल है। विलासिता निर्बलता और चाटुकारिता के वातावरण में न तो संस्कृति का उद्भव होता है और न विकास।- काका कालेलकर

जो सत्य विषय हैं वे तो सबमें एक से हैं झगड़ा झूठे विषयों में होता है।–सत्यार्थप्रकाश

जिस तरह एक दीपक पूरे घर का अंधेरा दूर कर देता है उसी तरह एक योग्य पुत्र सारे कुल का दरिद्र दूर कर देता है- कहावत


यदि असंतोष की भावना को लगन व धैर्य से रचनात्मक शक्ति में न बदला जाए तो वह ख़तरनाक भी हो सकती है।- इंदिरा गांधी

प्रजा के सुख में ही राजा का सुख और प्रजाओं के हित में ही राजा को अपना हित समझना चाहिए। आत्मप्रियता में राजा का हित नहीं है, प्रजाओं की प्रियता में ही राजा का हित है।- चाणक्य

द्वेष बुद्धि को हम द्वेष से नहीं मिटा सकते, प्रेम की शक्ति ही उसे मिटा सकती है।- विनोब

साहित्य का कर्तव्य केवल ज्ञान देना नहीं है परंतु एक नया वातावरण देना भी है।- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

लोकतंत्र के पौधे का, चाहे वह किसी भी किस्म का क्यों न हो तानाशाही में पनपना संदेहास्पद है। - जयप्रकाश नारायण

बाधाएँ व्यक्ति की परीक्षा होती हैं। उनसे उत्साह बढ़ना चाहिए, मंद नहीं पड़ना चाहिए।- यशपाल

सहिष्णुता और समझदारी संसदीय लोकतंत्र के लिए उतने ही आवश्यक है जितने संतुलन और मर्यादित चेतना।- डॉ. शंकर दयाल शर्मा

जिस प्रकार रात्रि का अंधकार केवल सूर्य दूर कर सकता है, उसी प्रकार मनुष्य की विपत्ति को केवल ज्ञान दूर कर सकता है।- नारदभक्ति

धर्म करते हुए मर जाना अच्छा है पर पाप करते हुए विजय प्राप्त करना अच्छा नहीं।- महाभारत

दंड द्वारा प्रजा की रक्षा करनी चाहिए लेकिन बिना कारण किसी को दंड नहीं देना चाहिए। - रामायन

शाश्वत शांति की प्राप्ति के लिए शांति की इच्छा नहीं बल्कि आवश्यक है इच्छाओं की शांति।- स्वामी ज्ञानानंद

धर्म का अर्थ तोड़ना नहीं बल्कि जोड़ना है। धर्म एक संयोजक तत्व है। धर्म लोगों को जोड़ता है।- डॉ. शंकरदयाल शर्मा

त्योहार साल की गति के पड़ाव हैं, जहाँ भिन्न-भिन्न मनोरंजन हैं, भिन्न-भिन्न आनंद हैं, भिन्न-भिन्न क्रीडास्थल हैं।- बरुआ

दुखियारों को हमदर्दी के आँसू भी कम प्यारे नहीं होते।- प्रेमचंद


गुरुवार, अगस्त 4

घृणा पाप से करो पापी से नहीं"


"घृणा पाप से करो पापी से नहीं"
                       महात्मा गाँधी 
      
"घृणा और प्रेम दोनों अंधे हैं"
                             कहावत 

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