"कंजूसी मैं तुझे जानता हूँ! तू विनाश करने वाली और व्यथा
देने वाली है!"
अथर्ववेद
"संसार में सबसे दयनीय
कौन है ?
जो धनवान
होकर भी कंजूस है!"
विद्यापति
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विवेक के साथ की गई कंजूसी कंजूसी नहीं कहलाती!
उसे मितव्ययिता कहते हैं।
सौजन्य :-पत्रिका.कॉम
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सवागत है
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सोमवार, जुलाई 11
कंजूसी मैं तुझे जनता हूँ!
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