सवागत है

आपका "आज का आगरा" ब्लॉग पर सवागत है यह ब्लॉग मेरे मम्मी-पापा को समर्पित!..."वन्दे मातरम्" .सवाई सिंह

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रविवार, जुलाई 25

जीवन में अपना व्यक्तित्व शून्य रखिये

आज का अनमोल और प्रेरक वचन...

जीवन में अपना व्यक्तित्व शून्य रखिये साहब ताकि,

कोई उसमें कुछ भी घटा न सके..!

 परंतु...

आप जिसके साथ खड़े हो जाएं

उसकी कीमत दस गुना बढ़ जाये.!

......



सोमवार, जुलाई 5

हर तकलीफ से इंसान का दिल दुखता बहुत है,

 हर तकलीफ से इंसान का दिल दुखता बहुत है,

पर हर तकलीफ से इंसान सीखता भी बहुत है !!

जीवन में दुख और सुख दोनों मनुष्य के जीवन का अहम हिस्सा है दुख जाएगा सुख आएगा यह एक तरह से प्रकृति के नियम के अनुसार जलता रहने वाला एक करम है कई बार हमें बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है पर इन्हीं से हमें जीवन में आगे चलने की सीख भी मिलती है तो चलते रहिए कुछ ना कुछ सीखने को जरूर मिलेगा सुख से ज्यादा दुख से प्यार करें.

अब दुख कई बार हमें अपनों की वजह से मिलता है कई बार दूसरों की वजह से मिलता है और कई बार हमें अपनी खुद की गलतियों से मिलता है कई बार हम अपने जीवन में और सपनों की दुनिया में इतने आगे निकल जाते हैं कि हमें सफलता मिल ही जाएगी लेकिन जब सफलता नहीं मिलती तब हमारे मन में दुख का भाव पैदा हो जाता है।

 यहीं से शुरू होती है हमारे जीवन के एक नए अध्याय के रूप में जिसमें हम हमेशा परेशान रहते हैं अगर जीवन में कोई वस्तु या चीज हमें नहीं मिल पा रही है तो उसे आत्म संतुष्टि के साथ त्याग दो तो वह ज्यादा बेहतर है इससे हमें यह फायदा होगा कि हमारे मन में इस प्रकार का कोई मोह ही पैदा नहीं होगा जिसके लिए हमें दुख हो क्योंकि जब हम किसी वस्तु को त्याग देते हैं तो उसके बारे में हमें ख्याल नहीं आता फिर वह चाहे अपना प्यार हो या अपने लोग हो या कोई अपनी प्रिय वस्तु हो उन सब को आप मन से त्याग देंगे और संकल्प लेंगे कि आगे से हम इसके बारे में बिल्कुल नहीं सोचेंगे तो मेरा मानना है कि जीवन में दुख कम होते जाएंगे मन में आत्म संतुष्टि के भाव उत्पन्न होंगे जिससे हमारे जीवन में खुशियां आएगी। 

 हंसते रहिए मुस्कुराते रहिए यही जीवन का सार है सुख दुख जीवन का एक अहम हिस्सा है जिसे बड़े प्यार से स्वीकार करना चाहिए।

आपका सवाई सिंह एसएस सीरीज 3 से

बुधवार, जून 9

मौत के साये में भी “ज़िंदगी” पल सकती है,

 मौत के साये में भी “ज़िंदगी” पल सकती है,

जब तक आपकी ज़िंदगी बाक़ी है,

मौत खुद ज़िंदगी की हिफ़ाज़त कर सकती है।


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