आज 19 नवंबर को महान वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती भी है। ऐसे पावन अवसर पर देश की इस महान बेटी को नमन करना हम सभी के लिए गर्व की बात है। जिन्होंने अंग्रेजों से मरते दम तक मुकाबला करती रही
अमर बलिदान
"सिर्फ इतिहास के पन्नों में नहीं,
हर भारतीय के दिल में आपका नाम है।
देश के लिए मर मिटने वाली रानी,
आपको हमारा नमन है।"
महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की वीरता का वर्णन सुभद्रा कुमारी चौहान की इन पंक्तियों के बिना अधूरा है।
"सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी,
बूढ़े भारत में भी आई फिर से नयी जवानी थी।
गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी,
दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी।
चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी,
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी!"