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गुरुवार, अगस्त 13
शुक्रवार, जुलाई 31
हमारे जीवन में सुख-दुख तो आते जाते रहेंगे
दुखिया को न सताइए। दुखिया देगा रोए। और जब दुखिया के मुखिया सुने, तब तेरी गति का होए। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन भगवान के भरोसे सब ठीक हो जाएगा ।
संत कबीर दास जी का यह प्रसिद्ध दोहा इंसानियत, करुणा और कर्म के सिद्धांतों का एक बहुत बड़ा संदेश देता है। हमें जीवन में कभी भी किसी नहीं सताना चाहिए कोई हमारी वजह से दुखी नहीं होना चाहिए ऐसा होने पर पीड़ित व्यक्ति की आंखों से निकलने वाला आंसू प्रभु तक पहुंचने में बहुत बड़ा योगदान देता है।
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| AI जेनरेट |
हमारे जीवन में सुख-दुख तो आते जाते रहेंगे आज दुखों का पहाड़ है तो कल सुख सागर भी होगा इसीलिए संकट आने पर घबराएं नहीं धैर्य बनाए रखें ऊपर वाले पर पूरा भरोसा रखिए जीवन में जो भी उतार-चढ़ाव हो रहे हैं वह आपके भले के लिए ही हो रहे हैं कुछ समय के लिए कष्ट जरूर हो रहा होगा लेकिन एक समय आएगा कि हम इन सब चीजों से छुटकारा मिल जाएगा और जीवन पहले से कहीं सुखद हो जाएगा।
अंत में बस एक ही बात बोलूंगा मुश्किल समय में धैर्य रखना चाहिए और उस मालिक पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। वही सबकी नैया पार लगाने वाला है।
जय हो मालिक की!
आपके दिन की शुरुआत सकारात्मकता और नई ऊर्जा के साथ हो!
आपका सवाई सिंह राजपुरोहित
गुरुवार, जुलाई 30
शिक्षा और धन के साथ मानवता का महत्व
शिक्षा, सत्य, सराहनीय और वर्तमान समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसमें कोई दो राय नहीं है किताबी ज्ञान, डिग्रियाँ, ऊंचे पद और धन-दौलत इंसान को समाज में सफलता तो दिला सकते हैं, लेकिन एक 'अच्छा और संवेदनशील इंसान' केवल मानवता ही बनाती है।
शिक्षा को महत्व देना और बच्चों में शिक्षा की जिज्ञासा को बढ़ाना बहुत ही आवश्यक है,वो भी वर्तमान समय में जब आप पैसे कमाए और बड़े इंसान बन जाए तो कभी भी ऐसे लाचार मजबूर बेसहारा लोगों को नजरंदाज ना करें यदि आप करने योग्य हो तो ऐसे लोगों का का मदद अवश्य करें जितना आपसे हो सके उनके लिए भी कुछ करने की कोशिश करें क्योंकि शिक्षा, पैसा यह सब जितना जरूरी है उसके साथ ही मानवता भी बहुत जरूरी है और एक बेहतर इंसान बनना बहुत जरूरी है,
आपके पास कितनी भी शिक्षा हो कितने भी पैसे हो कितने भी आप बड़े अधिकारी पद-प्रतिष्ठित हो यदि आप में मानवता नहीं और किसी के तकलीफ को देखकर आपको तकलीफ नहीं हो रही तो फिर आपका यह सब होना व्यर्थ है इसलिए शिक्षा के साथ-साथ मानवता इंसानियत भी बच्चों में अवश्य भारे, और उन्हें प्रेरणा दें उनका मार्गदर्शन करें क्योंकि जहां तक देखा जा रहा है।
आज वर्तमान समय में नौजवान युवाओं को बालक - बालिकाओं के अंदर इंसानियत नाम की कोई चीज नहीं रह गई।
शिक्षा और धन के साथ मानवता का महत्व
मानवता का पाठ ही सबसे बड़ी सीख है: - बच्चों को यह समझाना बहुत जरूरी है कि उनका अर्जित किया हुआ ज्ञान और धन केवल उनके अपने परिवार तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के जरूरतमंद और लाचार लोगों के काम भी आए।
सच्ची सफलता:- डिग्रियाँ और बैंक-बैलेंस तभी सार्थक हैं जब वे किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकें या किसी की मुश्किल को आसान कर सकें। जिस शिक्षा से दूसरों का दर्द महसूस न हो, वह शिक्षा अधूरी है।
संस्कारों की नींव:- आज की भागदौड़ भरी और भौतिकवादी दुनिया में बच्चों के भीतर करुणा, सहानुभूति (Empathy) और परोपकार की भावना डालना माता-पिता और अभिभावकों का सबसे बड़ा दायित्व है।
यदि हम अपने बच्चों को सफल बनाने के साथ-साथ एक संवेदनशील इंसान भी बना सकें, तो हमारी परवरिश सही मायनों में सफल होगी।
जुड़े रहिए हमारे ब्लॉग के साथ आपका सवाई सिंह राजपुरोहित
बुधवार, जुलाई 22
शब्दों की गहराई और जीवन के अनुभव ही इंसान का असली आभूषण हैं।
आपके दिन की शुरुआत सकारात्मकता और नई ऊर्जा के साथ हो! तो आज का अनमोल विचार...
शब्दों में धार नहीं बल्कि आधार होना चाहिए, क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है और जिन शब्दों का आधार होता है वो मन को जीत लेते है।
किसी से सब्र मिल जाता है तो किसी से सबक, इसलिए किसी से शिकायत मत करो हर कोई अपने कर्म और भूमिका में यही है,बस सीखते रहो बढ़ते रहो...
क्योंकि जीवन अनुभवों से ही सुन्दर बनता है।
इस पर आपकी क्या राय है हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं आपका सवाई सिंह राजपुरोहित
मंगलवार, जुलाई 21
जीवन में अपने सपनों को कभी छोटा मत समझिए
आज का अनमोल विचार आपके जीवन में नया सवेरा नई उम्मीदें और नई सफलताएँ लेकर आए।
"अपने सपनों को कभी छोटा मत समझो.. क्योंकि आज जो सिर्फ़ एक ख़्वाब है (सपना), वही कल आपकी सबसे बड़ी पहचान बन सकता है।
मेहनत पर भरोसा रखिए, क्योंकि किस्मत भी उसी का साथ देती है जो अपने सपनों के लिए हर दिन ईमानदारी से कोशिश करता है।
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| मेरे जन्मदिन पर पौधा लगाते हुए |
आज का यह अनमोल विचार जीवन में आगे बढ़ने और अपनी मेहनत पर अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा देगा।
आपके दिन की शुरुआत सकारात्मकता और नई ऊर्जा के साथ हो! ऐसी में मंगल कामना करता हूं आपका सवाई सिंह राजपुरोहित
शब्दों का मुखौटा और इरादों का सच
आजकल लोगों को पहचानना बहुत ही मुश्किल हो गया है आए दिन हमारे जीवन में ऐसी घटनाओं का हमें सामना करना ही पड़ता है इसके बाद हमें पछतावा होता है कि हम ऐसे लोगों के साथ जुड़े ही क्यों थे।
लोगों के शब्दों पर नहीं, उनके इरादों पर गौर किया करो
क्योंकि कोई डांटकर भी आपका अच्छा चाहता है,
तो कोई हंसकर भी जड़ें काट देता है।
कई बार लोग मीठी वाणी या मुस्कान के पीछे अपने स्वार्थ और बुरे इरादों को छुपा लेते हैं, जिससे पहचानना मुश्किल हो जाता है।
इसके विपरीत, कुछ लोग स्वभाव से सख्त या सीधे होते हैं जो डांटकर या सच बोलकर आपका मार्गदर्शन करते हैं और आपकी भलाई सोचते हैं।
मिलते हैं किसी और अनमोल विचार के साथ तब तक के लिए आपका सवाई सिंह
शुक्रवार, फ़रवरी 20
खुश नशीब हो अगर माँ बाप जिंदा है.।
सच्ची परवाह सिर्फ माँ बाप करते है। बाकी दुनिया तो मतलब के लिए दिखावा करती है। खुश नशीब हो अगर माँ बाप जिंदा है.।
गुरुवार, फ़रवरी 19
भगवान की इच्छा से हो रहा है।
“जो कुछ हो रहा है, वह भगवान की कृपा से और भगवान की इच्छा से हो रहा है।”
इस भाव से चिंता दूर होती है और विश्वास दृढ़ होता है।
भगवान की इच्छा से हो रहा है।”
बुधवार, फ़रवरी 18
मेरे निःस्वार्थ समर्पण के बाद भी...
हे प्रभू!
मेरे निःस्वार्थ समर्पण के बाद भी जिन्होंने मुझमें सिर्फ कमियाँ ही निकाली उन्हें मैं अनंत काल तक किसी जन्म में ना मिलूं !
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रविवार, फ़रवरी 1
हमेशा "positive" सोचे और खुश रहें...।
🤞आज का सुविचार🤞
जिन्दगी का तजुर्बा तो नहीं पर इतना मालूम है, छोटा आदमी बड़े मौके पर काम आ जाता है और बड़ा आदमी छोटी सी बात पर औकात दिखा जाता है।
साथ ही जीवन में सबसे शक्तिशाली हमारी "सोच" है
जो किसी भी परिस्थिति को बदलने की ताकत रखता है इसलिए हमेशा "positive" सोचे और खुश रहें।
गुरुवार, नवंबर 13
Vahi sacche Mitra Hai Baki Sab Moh Maya Hai
जेल के गेट पर, हॉस्पिटल के बेड पर और मुकदमे पर पेशी में साथ मिलते है वो ही मित्र है बाक़ी सब मोहमाया है!
बुधवार, नवंबर 12
Ladkon ko Paisa hi Sab Kuchh Dila sakta hai
लड़कों को पैसा ही सब कुछ दिला सकता है, इज़्ज़त प्यार सुंदरता और अपनी बात रखने का हक!
SM series 4 by Sawai Singh
मंगलवार, नवंबर 11
Dhokha Dene Wale sochte Hai...
धोखा देने वाले सोचते हैं कि उन्होंने चालाकी की
पर असल में उन्होंने खुद के लिए
भरोसे का दरवाजा बंद कर लिया ।
शुक्रवार, अक्टूबर 17
तुम जैसे हो, वैसे ही अनमोल हो।
दुनिया कुछ भी कहे,
अपने वजूद और अपने सामान को कभी मत खोना।
हालात कितनी भी मुश्किल क्यों न हो,
अपनी पहचान, अपनी प्रतिभा और अपने संस्कार को जिंदा दिखाना।
क्योंकि जो खुद पर अडिग रहता है,उसे कोई भी स्थिति हरा नहीं सकती।
मंगलवार, अक्टूबर 7
सोमवार, अक्टूबर 6
अगर आपकी जाति की जनसंख्या कम हैं।
अगर आपकी जाति की जनसंख्या कम हैं।
तो उदास मत होना और अधिक हैं तो उत्साहित मत होना, जाती की हकीकत सिर्फ इतनी हैं,
अगर आप अपनी जाति के सफल व्यक्ति हैं तो आपकी जाति आपके पीछे खड़ी हैं और अगर असफल व्यक्ति हैं तो आप अपनी ही जाति में सबसे पीछे खड़े हैं,
फिर आपको कोई पूछने वाला नहीं हैं.
मंगलवार, जुलाई 8
सही समय पर सही निर्णय लेना भी आवश्यक है।
जीवन में सब कुछ अनुभव करना ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेना भी आवश्यक है। रास्ते पर कंकड़ ही कंकड़ हो तो भी, एक अच्छा जूता पहनकर उस पर चला जा सकता है, लेकिन यदि एक अच्छे जूते के अंदर एक भी कंकड़ हो तो, एक अच्छी सड़क पर भी कुछ कदम चलना मुश्किल है।
बाहर की चुनोतियों सें नहीं हम अपनी अंदर की कमजोरियों से हारते हैं। मनुष्य को चाहिए कि वह परिस्थितियों से लड़े, एक स्वप्न टूटे, तो दूसरा गढ़े। जो मज़ा भाग लेने में है वो मज़ा भाग जाने में कहाँ।
अपने सपनों को पूरा करने के लिए की जान लगे
शनिवार, जून 28
जीवन है एक हार या जीत से कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।
आज का सुविचार अपने संतानों को उच्च शिक्षण देना ही चाहिए किंतु संतानों को सफल होने के साथ साथ उन्हें असफल होने पर कैसे खुश रहना हैं के साथ उन्हें हारना भी सिखाना चाहिए जीवन है एक हार या जीत से कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता ।======■■■■■======
किसी वस्तु व्यक्ति या उसके निजी कार्य के प्रति घृणा, ईर्ष्या द्रेस या जलन का भाव रखना या उसकी उपेक्षा करना एक अज्ञानी व्यक्ति की निशानी है, और ऐसी सोच रखने वाला मात्र वह स्वयं अपने आप को दुःखी करता है..! यह एक सच्चे जिज्ञासु का गुण कदापि नहीं हो सकता है ! सच्चा जिज्ञासु सदैव प्रसन्न रहता है..!
रविवार, जून 15
"पिता धर्मः पिता स्वर्गः पिता हि परमं तपः।
"पिता धर्मः पिता स्वर्गः पिता हि परमं तपः पितरि प्रीतिमापन्ने प्रीयन्ते सर्व देवता"
पिताजी के वो डांट फटकार ओर शब्द .. जो बचपन में सिर्फ "खराब शब्द" लगे थे, पर आज "सबक" बन गए हैं! आईए जानते हैं कुछ वाक्य जो आपने जरूर सुने होंगे
1. "पढ़ाई पर ध्यान दो, बाकी सब बाद में!"
2. "मैं जो कर रहा हूं, सब तुम्हारे लिए कर रहा हूं।"
3. "खुद के पैरों पर खड़ा होना सीख।"
4. " अनपढ़ जैसे मत बन, मुझसे अच्छा बन।"
5. "बड़ा आदमी बन, लेकिन अच्छा इंसान पहले बन।"
6. "नाम रोशन करना, बस यही सपना है मेरा।"
7. "तेरी उम्र में मैं जिम्मेदारियां उठाता था।"
8. "खर्च सोच-समझकर करना, पैसे पेड़ पर नहीं उगते।"
9. "मां को कभी दुख मत देना, नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।"
10. "बचपन जल्दी निकल जाएगा, सम्हल जा।"
11. "कमाना आसान है, इज्जत कमाना मुश्किल।"
12. "अपने फैसले खुद ले, लेकिन सोच समझकर।"
13. "दोस्ती सोच समझकर करना, सब तेरे जैसे नहीं होते।"
14. "हर वक्त तेरे पीछे नहीं रहूंगा, खुद लड़ना सीख।"
15. "जो भी कर, मेरा सिर ऊँचा होना चाहिए!"
16. "मुझे कुछ नहीं चाहिए बेटा, तू खुश रहे बस।"
17. "जो सीख रहा है, ज़िंदगी में काम आएगा।"
18. "ज़िंदगी में गिरा भी तो उठना सीख।"
19. "तेरे लिए ही तो सब कुछ कर रहा हूं बेटा।"
20. "जिस दिन खुद के लिए खड़ा होगा, उसी दिन मेरा सपना पूरा होगा।"
21. "तू बस मेहनत कर, किस्मत मैं संभाल लूंगा।"
22. "कभी भी झूठ मत बोलना, चाहे हालात कैसे भी हों।"
23. "तू मेरा बेटा है, खुद पर भरोसा रख।"
24. "बेटा कितना भी बड़ा हो जाए, बाप हमेशा बाप ही रहेगा।"
25. "जब मैं नहीं रहूंगा, तब समझेगा कि मैं क्या था।"
आज जब ये शब्द याद आते हैं, तो लगता है…तब समझ नहीं आता था, पर आज ये हर वाक्य ज़िंदगी की नींव जैसा लगता है।
अगर आपके पिताजी ने भी कभी इनमें से कुछ कहा हो…तो दिल से एक कमेंट जरूर करना ओर पोस्ट शेयर करना।
आप सभी को "पितृ दिवस" की हार्दिक बधाई !
पिता जी के असीम त्याग और उठाए गए अनंत कष्टों के प्रति हृदयपूर्वक कृतज्ञता प्रकट करता हूँ... सवाई सिंह राजपुरोहित
गुरुवार, दिसंबर 12
यह सच है कि दीन- हीन में दीनानाथ बचते हैं।
।!आज का सुविचार!।
दूसरे व्यक्ति को उसके दुख से बाहर निकालने से बड़ा और बेहतर कोई काम नही! दुनिया में आने वाले सभी अवतार/ सन्त महात्मा ने यही किया!
आप देख महावीर से लेकर गौतम बुध्द तक, जिसे भी जीवन में सत्य का थोड़ा-बहुत भान हुआ, उसने दूसरे को दुख से बाहर निकालने में सहायक बनने को अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया! इससे समझे की दुनिया का सबसे धनी व्यक्ति बनने में व सुख नहीं, जो दस लोगों के दुखों को दूर करने का माध्यम बनने में है! यह सच है कि दीन- हीन में दीनानाथ बचते हैं।
अगर किसी को अपने कार्य के साथ-साथ योग, प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर एक्यूपंक्चर सुजोक कलर चिकित्सा रेकी प्राणीग़हीलिंग और प्राकृतिक चिकित्सकों के अन्य विधाओं के साथ-साथ अपने ज्ञान बढ़ाए। भारत में कोर्स डिप्लोमा सर्टिफिकेट या डिग्री करनी हो तो आप हमें हमारे इस नंबर 9219666141 पर संपर्क कर सकते हैं या हमारी वेबसाइट पर विजिट सकते हैं hamsinstitute.com
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