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बुधवार, नवंबर 12
मंगलवार, अक्टूबर 7
सोमवार, अक्टूबर 6
अगर आपकी जाति की जनसंख्या कम हैं।
अगर आपकी जाति की जनसंख्या कम हैं।
तो उदास मत होना और अधिक हैं तो उत्साहित मत होना, जाती की हकीकत सिर्फ इतनी हैं,
अगर आप अपनी जाति के सफल व्यक्ति हैं तो आपकी जाति आपके पीछे खड़ी हैं और अगर असफल व्यक्ति हैं तो आप अपनी ही जाति में सबसे पीछे खड़े हैं,
फिर आपको कोई पूछने वाला नहीं हैं.
शनिवार, जून 28
जीवन है एक हार या जीत से कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।
आज का सुविचार अपने संतानों को उच्च शिक्षण देना ही चाहिए किंतु संतानों को सफल होने के साथ साथ उन्हें असफल होने पर कैसे खुश रहना हैं के साथ उन्हें हारना भी सिखाना चाहिए जीवन है एक हार या जीत से कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता ।======■■■■■======
किसी वस्तु व्यक्ति या उसके निजी कार्य के प्रति घृणा, ईर्ष्या द्रेस या जलन का भाव रखना या उसकी उपेक्षा करना एक अज्ञानी व्यक्ति की निशानी है, और ऐसी सोच रखने वाला मात्र वह स्वयं अपने आप को दुःखी करता है..! यह एक सच्चे जिज्ञासु का गुण कदापि नहीं हो सकता है ! सच्चा जिज्ञासु सदैव प्रसन्न रहता है..!
शनिवार, जून 21
योग धर्म नहीं, एक विज्ञान है
योग धर्म नहीं, एक विज्ञान है
मानव कल्याण का विज्ञान, यौवन का विज्ञान, शरीर मन और आत्मा को जोड़ने का विज्ञान है!
करो योग, रहो सदैव निरोग। साथ ही "योग से बड़ा कोई ऐश्वर्य नहीं, योग से बड़ी सफलता नहीं, योग से बड़ी कोई उपलब्धि नहीं।"
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं...सवाई सिंह राजपुरोहित योगाचार्य टीम सुगना फाउंडेशन भारत
गुरुवार, दिसंबर 12
यह सच है कि दीन- हीन में दीनानाथ बचते हैं।
।!आज का सुविचार!।
दूसरे व्यक्ति को उसके दुख से बाहर निकालने से बड़ा और बेहतर कोई काम नही! दुनिया में आने वाले सभी अवतार/ सन्त महात्मा ने यही किया!
आप देख महावीर से लेकर गौतम बुध्द तक, जिसे भी जीवन में सत्य का थोड़ा-बहुत भान हुआ, उसने दूसरे को दुख से बाहर निकालने में सहायक बनने को अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया! इससे समझे की दुनिया का सबसे धनी व्यक्ति बनने में व सुख नहीं, जो दस लोगों के दुखों को दूर करने का माध्यम बनने में है! यह सच है कि दीन- हीन में दीनानाथ बचते हैं।
अगर किसी को अपने कार्य के साथ-साथ योग, प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर एक्यूपंक्चर सुजोक कलर चिकित्सा रेकी प्राणीग़हीलिंग और प्राकृतिक चिकित्सकों के अन्य विधाओं के साथ-साथ अपने ज्ञान बढ़ाए। भारत में कोर्स डिप्लोमा सर्टिफिकेट या डिग्री करनी हो तो आप हमें हमारे इस नंबर 9219666141 पर संपर्क कर सकते हैं या हमारी वेबसाइट पर विजिट सकते हैं hamsinstitute.com
बुधवार, दिसंबर 11
ख़ुद में निवेश कीजिए...
ख़ुद में निवेश कीजिए
लौंग टर्म में वही फ़ायदा देगा…
बाहर सब रिश्ते
"सब्जेक्ट टू मार्केट रिस्क है"
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जो आपको नहीं समझते है
उन्हें बिल्कुल भी मत समझाइए...
समुद्र खारा है खारा ही रहेगा उसमें शक्कर मत मिलाइये।
सोमवार, दिसंबर 9
संगत सुधारिए जीवन सुधारिए
गरीब आदमी जमीन पर बैठ जाये तो वो जगह उसकी औकात कहलाती है और अगर कोई धनवान आदमी जमीन पर बैठ जाए तो
ये उसका बड़प्पन कहलाता है।
पानी की बूंद अगर कमल के पत्ते पर गिरती है तो मोती की तरह चमकने लगती है और
अगर पानी की बूंद सीप में गिर जाए तो ख़ुद मोती बन जाती है
शनिवार, दिसंबर 7
आज की दुनिया का सच
आज की दुनिया का सच-
(Aaj Ki Duniya Ka Kadva sach)
अपनी कीमत बता ना पाया तो सच अकेला रह गया बिकने को जब राजी हुआ झूठ तो फूलों में तोला गया !
साथ ही-
आप की खुशियों में वो लोग शामिल होते हैं
जिन्हें "आप" चाहते हैं..
आपके दु:ख में वो लोग शामिल होते हैं,
जो "आपको " चाहते हैं।
बुधवार, अक्टूबर 23
माता पिता की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म होता है.
अगर हर लड़की अपने सास को अपनी माँ समझें और हर सास अपनी बहू को बेटी समझे तो परिवार मैं कभी कोई लड़ाई झगड़े नही होंगे और हमें अपने माता पिता का आदर हमेशा करना चाहिये।
सभी बहू और सांसों को समझना चाहिए आपस में मिल जुल कर रहना चाहिए एक दूसरे की मदद करनी चाहिए मदद करने से ही भगवान घर में विराजमान रहते हैं और सभी दुखों का निवारण भी हो जाता है कष्ट मिट जाते हैं ऐसा नहीं कि सास को बहू गाली दे से बाहर निकाले घर से पहले सबसे पहले खाना सास को ही देना चाहिए क्योंकि अपने पति को उसी ने जन्म देकर के पाला पोसा करके अपने हवाले करते हैं तो उसका यह अदा यह नहीं कि उसका अनादर करें माता पिता ही भगवान होते हैं और माता पिता की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म होता है और कर्म जैसे कर्म करोगे वैसा ही तो आपको फल मिलेगा माता पिता से बड़ा और कोई धरती पर धरती पर नहीं है।
इसलिए मैं आप सभी से निवेदन करना चाहूंगा कि आप सभी अपने माता-पिता और सास ससुर की सेवा अवश्य करें क्योंकि माता-पिता की सेवा करने से भगवान भी प्रसन्न होते हैं
मंगलवार, अक्टूबर 22
हम जितना सोचते हैं, उतना अगर काम करने लग जाए तो ...
आज का सुविचार
आज के टाइम में सब लोग सपने बहुत देखते हैं लेकिन उन सपनों को प्राप्त करने के लिए कार्य कोई नहीं करना चाहता हालांकि सपने देखना कोई बुरी बात नहीं है क्योंकि सपने देखेंगे तभी हम उन्हें पूरा करने की कोशिश करेंगे लेकिन कुछ लोग सपने देखे तो हैं लेकिन प्राप्त करने के लिए कोई प्रयास नहीं करते चाहे उन्हें कोई कितनी बार भी समझ ले जो आपके अपने होंगे वह आपको एक - दो बार तो जरुर समझाएंगे फिर उनको भी लगने लगेगा कि शायद आप कुछ करना नहीं चाहते तो वह भी थक हार कर यह प्रयास करना छोड़ देते हैं।
सोचना इस दुनिया का सबसे फालतू काम है, क्योंकि यह बैठे -ठाले ही हमें दु:खी उदास अकर्मण्य बना जाता है! जब भी आप देखें कि आप कुछ सोचने जा रहे हैं, कोई काम करने लग जाए ! जो काम आप करेंगे उसमें सफलता जरूर मिलेगी याद रखें कि कर्म ही धर्म है! अपने धर्म का पालन करें, सोचने से बचे और कर्मठ बने ! आनंद और सफलताएं आप पर चारों दिशाओं से बरसने लगेगी।
शनिवार, अक्टूबर 5
एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का बिम्ब है नवदुर्गा के नौ स्वरूप
सबसे पहले तो आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं माता रानी आप सभी के मनोकामनाओं को पूर्ण करें ऐसी मंगल कामनाएं
नवदुर्गा के नौ रूपों में स्त्री जीवन का पूर्ण बिम्ब का स्वरूप है आईए जानते हैं नौ देवियों की अपनी विशेषताएं
1 जन्म ग्रहण करती हुई कन्या "शैलपुत्री" स्वरूप है।
2 कौमार्य अवस्था तक "ब्रह्मचारिणी" का रूप है।
3 विवाह से पूर्व तक चंद्रमा के समान निर्मल होने से वह "चंद्रघंटा" समान है।
4 नए जीव को जन्म देने के लिए गर्भ धारण करने पर वह "कूष्मांडा" स्वरूप में है।
5 संतान को जन्म देने के बाद वही स्त्री "स्कन्दमाता" हो जाती है।
6 संयम व साधना को धारण करने वाली स्त्री "कात्यायनी" रूप है।
7 अपने संकल्प से पति की अकाल मृत्यु को भी जीत लेने से वह "कालरात्रि" जैसी है।
8 संसार (कुटुंब ही उसके लिए संसार है) का उपकार करने से "महागौरी" हो जाती है।
9 धरती को छोड़कर स्वर्ग प्रयाण करने से पहले संसार में अपनी संतान को सिद्धि (समस्त सुख-संपदा) का आशीर्वाद देने वाली "सिद्धिदात्री" हो जाती है।
⚜•━━━॥#सुविचार॥━━━•⚜
खुद को बदलने का आसान तरीका है
"स्वीकारना"
जिस समय हम गलतियों को स्वीकार लेते हैं
उसी समय "परिवर्तन" प्रारम्भ हो जाता है।
रविवार, सितंबर 29
जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं है
आज का अनमोल विचार सूर्योदय और सूर्यास्त में बताता है कि जीवनमें कुछ भी स्थाई नहीं है, इसलिये हमेशा खुश रहें और जीवन में किसी प्रकार की टेंशन चिंता किए बिना एवं जीवन की यात्रा का भरपूर आनंद लें। और प्रभु का धन्यवाद करें इस सुंदर जीवन देने के लिए
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| पूज्य गुरुदेव श्री चेतनानंद जी सरस्वती जी महाराज |
SM सीरीज 4 By
शौर्य प्रताप (सवाई) सिंह राजपुरोहित
शनिवार, सितंबर 28
हमारा ध्यान ही हमारी दिशा को निश्चित करता है
आज का अनमोल विचार और दिल की बात...
हमारा ध्यान ही हमारी दिशा को निश्चित करता है। पीछे देखकर आगे की ओर जाने की कोशिश करना नामुमकिन है। ठीक इसी प्रकार हार के बारे में सोचकर जीतने (सफलता) की कोशिश करना नामुमकिन है। इसलिए हम सबको सिर्फ और सिर्फ हमारे टारगेट की तरफ फोकस करने की जरूरत है अगर हम अपने उद्देश्य को एक सही दिशा देंगे और इस दिशा में देखने का प्रयास करेंगे चलने का प्रयास करेंगे तो हमें जीवन में सफलता बहुत जल्दी मिल सकती।
सवाई (शौर्य प्रताप) सिंह राजपुरोहित SM सीरीज 4
गुरुवार, सितंबर 26
सदा शांत और प्रसन्न चित्त रहिए।
आज का अनमोल विचार
अशांत मन में कभी भी सकारात्मक विचार नहीं आते है,
एक शांत और स्थिर मन ही हमें सही मार्ग दिखाता है
इसलिए सदा शांत और प्रसन्न चित्त रहिए।
सोमवार, सितंबर 23
अपनी ग़लितियों को स्वीकार कीजिए
आज का अनमोल विचार
अपनी ग़लितियों को स्वीकार कीजिए हमेशा ग़लतियों को छुपाते रहने पर आप अपनी विश्वसनीयता को समाप्त कर लेंगे। और विश्वास टूट गया तो रिश्ते भी खत्म हो जाते हैं इसीलिए गलतियों को स्वीकार करना सीखिए।
तन बिगाड़ने वाले भोजन से, मन बिगाड़ने वाले विचारों से और मनोदशा बिगाड़ने वाले इंसान से, सदैव दूर ही रहना चाहिए !!!
गुरुवार, जुलाई 4
किताबें और मां-बाप की बातें जिंदगी में कभी भी धोखा नहीं देती
आज का अनमोल विचार
गुरुवार, मार्च 7
सफलता का सबसे बड़ा सूत्र है
आपका कार्य हो, आपका इरादा मजबूत हो, और आप किसी भी हालत में हार नहीं मानते।"
बुधवार, जुलाई 19
ज्ञान तीन तरह से प्राप्त किया जा सकता है
अनमोल विचार
ज्ञान तीन तरह से प्राप्त किया जा सकता है,पहला मनन से जो सर्वश्रेष्ठ है,दूसरा अनुसरण से जो सबसे आसान है,तीसरा अनुभव से जो कि कड़वा हैं.
अगर इन्सान खुद की गलतियों को अपनी उंगलियो पर गिनने लगे तो..दुसरो की ज़िन्दगी में उंगली करने का वक़्त ही नहीं मिलेगा..!
मंगलवार, जुलाई 18
जिन मूर्तियों को हम बनाते है हम उनकी तो पूजा करते है पर...
आज का सुविचार
माँ-बाप उम्र से नही-फिक्र से बूढ़े होते है जब बच्चा रोता है तो पूरी बिल्ड़िंग को पता चलता है ......
जब माँ -बाप रोते है तो बाजू वाले को भी पता नही चलता है ये जिंदगी की सच्चाई है। जिन मूर्तियों को हम बनाते है हम उनकी तो पूजा करते है.पर जिन्होंने हमे बनाया हम उन माता -पिता की पूजा क्यों नही करते?"
जबकि हमारा धर्म कहता है की...मातृ देवोभव, पितृदेवो भव, गुरुभ्यो नमः।
(पूज्य गुरुदेव श्री तुलसाराम जी महाराज)
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