शनिवार, सितंबर 5

असली ताकत ऊँची आवाज़, रौब या दिखावे में नहीं, बल्कि..

 कभी-कभी इंसान को जरूरत से ज्यादा महत्व और तारीफ मिलने लगे तो वह अपनी असली हैसियत भूलकर खुद को दूसरों से बड़ा समझने लगता है। यही कारण है कि हर किसी को खुश करने और हर बात पर महत्व देने से पहले यह समझना जरूरी है कि सम्मान उसी का सुंदर लगता है, जो उसे पाकर भी विनम्र बना रहे। ध्यान और प्रशंसा किसी की योग्यता का प्रमाण नहीं, बल्कि कभी-कभी सिर्फ लोगों की उदारता होती है। 

इसलिए जीवन में न तो अपनी तारीफ सुनकर घमंड करना चाहिए और न ही किसी को इतना सिर पर चढ़ाना चाहिए कि वह दूसरों को छोटा समझने लगे। असली ताकत ऊँची आवाज़, रौब या दिखावे में नहीं, बल्कि अपने व्यवहार, संयम और विनम्रता में होती है। जो लोग खुद को साबित करने के लिए शोर नहीं मचाते, उनका खामोश आत्मविश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनता है।
दिखावे की चमक कुछ पल की होती है, मगर भीतर का सच्चा सामर्थ्य उम्र भर हर मुश्किल से लड़ना सिखाता है।
इसलिए हुंकार भरने से ज्यादा जरूरी है अपने संकल्प को इतना मजबूत करना कि वक्त खुद आपके सामने झुक जाए।

शुक्रवार, सितंबर 4

“पुराने लोगों के पास शायद गूगल नहीं था, लेकिन जिंदगी पढ़ने का अनुभव था

 “पुराने लोगों के पास शायद गूगल नहीं था, लेकिन जिंदगी पढ़ने का अनुभव था, आज के युवाओं के पास पूरी दुनिया की जानकारी है, मगर उस जानकारी को जीवन की समझ में बदलने के लिए अनुभव की जरूरत अभी भी है।”

और यही सबसे बड़ी बात है पीढ़ी बदलनी चाहिए, लेकिन संस्कार, रिश्तों की कद्र और दूरदर्शिता नहीं बदलनी चाहिए। 

आज समय रहते बड़े बुजर्गो से युवा पीढ़ी आपस मे संवाद उनके जीवन काल का हर पहलु पर बड़े गौर से सुनना समझना और अपने जीवन मे उतारना क्यों की आज के युवाओं मे धैर्य सयम कोई पारिवारिक निर्णय लेने मे जल्दबाजी रहती है और बुजुर्गो मे उम्र के साथ साथ हर प्रकार की जीवन उस समय तकलीफो से अनुभव हो जाता है बुजुर्ग कोई भी तर्क करे बड़े सोच समझ कर दूरगामी सोच रखकर तर्क रखते है आज के युवा कितने सहमत होते है ये उनकी सोच पर निर्भर करता है पहले आज जितनी सुख सुविधा भी नहीं थी उनके जाने के बाद मे बस उनकी ये यादे सजो कर याद कर सकते है इसलिए समय रहते रहते बुजुर्गो से 30 मिनिट आपस मे सवाद जरूर युवाओ को करना चाहिए । ऐसा करने से आने वाली पीढ़ी के लिए यह किसी वरदान से काम नहीं होगा। किसी के अनुभव से हम जो सीख सकते हैं हम यह भी जानते हैं भागदौड़़ वाली जिंदगी में समय निकालना बहुत ही मुश्किल है लेकिन ऐसा करने से हमें भविष्य में बहुत सारे फायदे होंगे जो हम उनसे सीखेंगे वह टेक्नोलॉजी हमें कभी नहीं सिखा सकती।

 चलते-चलते हैं आप सभी को भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं भगवान आपकी सारी मनोकामना को पूर्ण करें परिवार में सुख शांति और समृद्धि सदैव बनी रहे.

मिलते हैं किसी और अनमोल विचार के साथ SM सीरीज के अगले पार्ट में... आपका सवाई सिंह राजपुरोहित


कर्म और धर्म इस लोक के साथ परलोक में भी साथ रहेगा

 पैसा घर तक साथ रहेगा और परिवार स्मशान तक,
जबकी कर्म और धर्म इस लोक के साथ परलोक में भी साथ रहेगा !!

इस संसार में धन, पद और रिश्ते यहीं छूट जाते हैं, लेकिन मनुष्य के अच्छे कर्म और उसका सच्चा धर्म (कर्तव्य, सदाचार और मानवीय मूल्य) ही ऐसी पूँजी हैं जो इस लोक के साथ-साथ परलोक में भी उसकी यात्रा के संबल बनते हैं। मनुष्यों को इसका पालन करना चाहिए 
गुरुदेव का आशिर्वाद लेते MLA राजपुरोहित 

​गीता में भी कहा गया है कि आत्मा अजर-अमर है, और शरीर के नाश होने के बाद भी उसके द्वारा किए गए कर्मों का संस्कार और फल उसके साथ आगे जाता है। 
​"यः शास्त्रविधिमुत्सृज्य वर्तते कामकारतः।
न स सिद्धिमवाप्नोति न सुखं न परां गतिम्॥"
​जो व्यक्ति अपने कर्तव्यों और धर्म का पालन करते हुए निष्काम भाव से सत्कर्म करता है, उसका यह लोक तो सुधरता ही है, परलोक भी श्रेष्ठ हो जाता है। अच्छे कर्म ही वो प्रकाश हैं जो अंधकारमय मार्ग में राह दिखाते हैं।

 

गुरुवार, सितंबर 3

वक्त पर भरोसा रखिए, क्योंकि...


समय के फैसले कभी गलत नहीं होते,
बस साबित होने में समय लगता है।

हर परेशानी एक सीख है और हर इंतज़ार का एक बेहतरीन परिणाम होता है। धैर्य रखें, सब सही होगा। 


मंगलवार, अगस्त 25

कोमल हिरन के नन्हे से प्राण

कोमल सी काया, आँखों में भोलापन सारा,

प्रकृति की गोद में पलता यह दुलारा।

ममता की छाँव में जो जीवन है पाता,

ऐसा मासूम रूप हर दिल को है भाता।


कोमल हिरन के नन्हे से प्राण,

मनुष्यों की ममता का उमड़ा तूफान।

बोतल से छलक रहा जीवन का आधार,

बेजुबान के लिए मानवता का यह अनुपम उपहार।

Photo By Shri Vikram Singh Rajpurohit


झाड़ियों की ओट से जो ताके भोली नजरों से,

प्रेम की भाषा सीखे जो ममता भरे पहरों से।

अंचल की छाँव में पाकर जीवन का नया सवेरा,

इस सुंदर संसार में जगता हर दिल का अंधेरा।



गुरुवार, अगस्त 13

जीवन में समझ बहुत ही जरूरी है।


जीवन में समझ बहुत ही जरूरी है।
जितनी समझ गहरी होती है उतना ही जीवन सुखी और समृद्ध होता है।

हर किसी को समझना हर किसी के वश में नहीं होता है 

जौहरी ही हीरे को परख सकता है।
अन्य नासमझ लोग पत्थर ही समझेंगे 
आपका जीवन समझ और प्रेम से भरा रहे।

शनिवार, अगस्त 1

परिपक्वता जीवन को सहज और सुंदर बनाती है।

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, छोटे अक्षर दिखाई नहीं देते.

शायद यह एक इशारा है कि बढ़ती उम्र के साथ छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना सीख लेना चाहिए।

फोटो AI जेनरेट
हमें जीवन में छोटी-छोटी बातों को दिल से (हृदय) बिल्कुल नहीं लगना चाहिए हर छोटी गलती पर लोगों से उलझने से मानसिक शांति की कमी हो जाती है जैसे-जैसे अनुभव होता है वैसे-वैसे हमें यह समझ में भी आना चाहिए कि किस बात को हमें तुल देना है और किस बात पर मुस्कुराकर लोगों को नजर अंदाज कर देना है यही परिपक्वता जीवन को सहज और सुंदर बनाने में काफी मददगार होती है।  हालांकि ऐसा हमारे लिए करना थोड़ा मुश्किल जरूर होता है लेकिन प्रयास जरूर किया जा सकता है मैं वर्तमान समय में इन्हीं सभी चीजों से सामना कर रहा हूं और मुझे पता है कि यह करना संभव नहीं है हर किसी के लिए।

मिलते हैं फिर एक नए अनमोल और सकारात्मक विचार के साथ

आपका सवाई सिंह राजपुरोहित


शुक्रवार, जुलाई 31

हमारे जीवन में सुख-दुख तो आते जाते रहेंगे

दुखिया को न सताइए। दुखिया देगा रोए। और जब दुखिया के मुखिया सुने, तब तेरी गति का होए। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन भगवान के भरोसे सब ठीक हो जाएगा ।

संत कबीर दास जी का यह प्रसिद्ध दोहा इंसानियत, करुणा और कर्म के सिद्धांतों का एक बहुत बड़ा संदेश देता है। हमें जीवन में कभी भी किसी  नहीं सताना चाहिए कोई हमारी वजह से दुखी नहीं होना चाहिए ऐसा होने पर पीड़ित व्यक्ति की आंखों से निकलने वाला आंसू प्रभु तक पहुंचने में बहुत बड़ा योगदान देता है। 

AI जेनरेट

हमारे जीवन में सुख-दुख तो आते जाते रहेंगे आज दुखों का पहाड़ है तो कल सुख सागर भी होगा इसीलिए संकट आने पर घबराएं नहीं धैर्य बनाए रखें ऊपर वाले पर पूरा भरोसा रखिए जीवन में जो भी उतार-चढ़ाव हो रहे हैं वह आपके भले के लिए ही हो रहे हैं कुछ समय के लिए कष्ट जरूर हो रहा होगा लेकिन एक समय आएगा कि हम इन सब चीजों से छुटकारा मिल जाएगा और जीवन पहले से कहीं सुखद हो जाएगा।

अंत में बस एक ही बात बोलूंगा मुश्किल समय में धैर्य रखना चाहिए और उस मालिक पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। वही सबकी नैया पार लगाने वाला है।

​जय हो मालिक की! 

​आपके दिन की शुरुआत सकारात्मकता और नई ऊर्जा के साथ हो!

आपका सवाई सिंह राजपुरोहित

गुरुवार, जुलाई 30

शिक्षा और धन के साथ मानवता का महत्व

शिक्षा, सत्य, सराहनीय और वर्तमान समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसमें कोई दो राय नहीं है किताबी ज्ञान, डिग्रियाँ, ऊंचे पद और धन-दौलत इंसान को समाज में सफलता तो दिला सकते हैं, लेकिन एक 'अच्छा और संवेदनशील इंसान' केवल मानवता ही बनाती है।

शिक्षा को महत्व देना और बच्चों में शिक्षा की जिज्ञासा को बढ़ाना बहुत ही आवश्यक है,वो भी वर्तमान समय में जब आप पैसे कमाए और बड़े इंसान बन जाए तो कभी भी ऐसे लाचार मजबूर बेसहारा लोगों को नजरंदाज ना करें यदि आप करने योग्य हो तो ऐसे लोगों का का मदद अवश्य करें जितना आपसे हो सके उनके लिए भी कुछ करने की कोशिश करें क्योंकि शिक्षा, पैसा यह सब जितना जरूरी है उसके साथ ही मानवता भी बहुत जरूरी है और एक बेहतर इंसान बनना बहुत जरूरी है, 

आपके पास कितनी भी शिक्षा हो कितने भी पैसे हो कितने भी आप बड़े अधिकारी पद-प्रतिष्ठित हो यदि आप में मानवता नहीं और किसी के तकलीफ को देखकर आपको तकलीफ नहीं हो रही तो फिर आपका यह सब होना व्यर्थ है इसलिए शिक्षा के साथ-साथ मानवता इंसानियत भी बच्चों में अवश्य भारे, और उन्हें प्रेरणा दें उनका मार्गदर्शन करें क्योंकि जहां तक देखा जा रहा है।

 आज वर्तमान समय में नौजवान युवाओं को बालक - बालिकाओं के अंदर इंसानियत नाम की कोई चीज नहीं रह गई। 

  शिक्षा और धन के साथ मानवता का महत्व

​मानवता का पाठ ही सबसे बड़ी सीख है: - बच्चों को यह समझाना बहुत जरूरी है कि उनका अर्जित किया हुआ ज्ञान और धन केवल उनके अपने परिवार तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के जरूरतमंद और लाचार लोगों के काम भी आए।

​सच्ची सफलता:- डिग्रियाँ और बैंक-बैलेंस तभी सार्थक हैं जब वे किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकें या किसी की मुश्किल को आसान कर सकें। जिस शिक्षा से दूसरों का दर्द महसूस न हो, वह शिक्षा अधूरी है।

​संस्कारों की नींव:- आज की भागदौड़ भरी और भौतिकवादी दुनिया में बच्चों के भीतर करुणा, सहानुभूति (Empathy) और परोपकार की भावना डालना माता-पिता और अभिभावकों का सबसे बड़ा दायित्व है।

यदि हम अपने बच्चों को सफल बनाने के साथ-साथ एक संवेदनशील इंसान भी बना सकें, तो हमारी परवरिश सही मायनों में सफल होगी।

जुड़े रहिए हमारे ब्लॉग के साथ आपका सवाई सिंह राजपुरोहित


बुधवार, जुलाई 22

शब्दों की गहराई और जीवन के अनुभव ही इंसान का असली आभूषण हैं।

 आपके दिन की शुरुआत सकारात्मकता और नई ऊर्जा के साथ हो! तो आज का अनमोल विचार...

शब्दों में धार नहीं बल्कि आधार होना चाहिए, क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है और जिन शब्दों का आधार होता है वो मन को जीत लेते है।

किसी से सब्र मिल जाता है तो किसी से सबक, इसलिए किसी से शिकायत मत करो हर कोई अपने कर्म और भूमिका में यही है,बस सीखते रहो बढ़ते रहो...

क्योंकि जीवन अनुभवों से ही सुन्दर बनता है। 


इस पर आपकी क्या राय है हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं आपका सवाई सिंह राजपुरोहित


मंगलवार, जुलाई 21

जीवन में अपने सपनों को कभी छोटा मत समझिए

 आज का अनमोल विचार आपके जीवन में नया सवेरा नई उम्मीदें और नई सफलताएँ लेकर आए।

"अपने सपनों को कभी छोटा मत समझो.. क्योंकि आज जो सिर्फ़ एक ख़्वाब है (सपना), वही कल आपकी सबसे बड़ी पहचान बन सकता है। 

मेहनत पर भरोसा रखिए, क्योंकि किस्मत भी उसी का साथ देती है जो अपने सपनों के लिए हर दिन ईमानदारी से कोशिश करता है। 

मेरे जन्मदिन पर पौधा लगाते हुए

आज का यह अनमोल विचार जीवन में आगे बढ़ने और अपनी मेहनत पर अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा देगा। 

​आपके दिन की शुरुआत सकारात्मकता और नई ऊर्जा के साथ हो! ऐसी में मंगल कामना करता हूं आपका सवाई सिंह राजपुरोहित

शब्दों का मुखौटा और इरादों का सच

आजकल लोगों को पहचानना बहुत ही मुश्किल हो गया है आए दिन हमारे जीवन में ऐसी घटनाओं का हमें सामना करना ही पड़ता है इसके बाद हमें पछतावा होता है कि हम ऐसे लोगों के साथ जुड़े ही क्यों थे। 

 लोगों के शब्दों पर नहीं, उनके इरादों पर गौर किया करो

क्योंकि कोई डांटकर भी आपका अच्छा चाहता है,

तो कोई हंसकर भी जड़ें काट देता है। 

कई बार लोग मीठी वाणी या मुस्कान के पीछे अपने स्वार्थ और बुरे इरादों को छुपा लेते हैं, जिससे पहचानना मुश्किल हो जाता है।

​इसके विपरीत, कुछ लोग स्वभाव से सख्त या सीधे होते हैं जो डांटकर या सच बोलकर आपका मार्गदर्शन करते हैं और आपकी भलाई सोचते हैं।

मिलते हैं किसी और अनमोल विचार के साथ तब तक के लिए आपका सवाई सिंह

शुक्रवार, फ़रवरी 20

खुश नशीब हो अगर माँ बाप जिंदा है.।

 सच्ची परवाह सिर्फ माँ बाप करते है। 
बाकी दुनिया तो मतलब के लिए दिखावा करती है।
 खुश नशीब हो अगर माँ बाप जिंदा है.।




गुरुवार, फ़रवरी 19

भगवान की इच्छा से हो रहा है।

“जो कुछ हो रहा है, वह भगवान की कृपा से और भगवान की इच्छा से हो रहा है।”

इस भाव से चिंता दूर होती है और विश्वास दृढ़ होता है।

भगवान की इच्छा से हो रहा है।”



बुधवार, फ़रवरी 18

मेरे निःस्वार्थ समर्पण के बाद भी...

 हे प्रभू! 

मेरे निःस्वार्थ समर्पण के बाद भी जिन्होंने मुझमें सिर्फ कमियाँ ही निकाली उन्हें मैं अनंत काल तक किसी जन्म में ना मिलूं !

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रविवार, फ़रवरी 1

हमेशा "positive" सोचे और खुश रहें...।

 🤞आज का सुविचार🤞

 जिन्दगी का तजुर्बा तो नहीं पर इतना मालूम है, छोटा आदमी बड़े मौके पर काम आ जाता है और बड़ा आदमी छोटी सी बात पर औकात दिखा जाता है।

  साथ ही जीवन में सबसे शक्तिशाली हमारी "सोच" है

जो किसी भी परिस्थिति को बदलने की ताकत रखता है इसलिए हमेशा "positive" सोचे और खुश रहें।