“जो कुछ हो रहा है, वह भगवान की कृपा से और भगवान की इच्छा से हो रहा है।”
इस भाव से चिंता दूर होती है और विश्वास दृढ़ होता है।
भगवान की इच्छा से हो रहा है।”
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