मंगलवार, अगस्त 25

कोमल हिरन के नन्हे से प्राण

कोमल सी काया, आँखों में भोलापन सारा,

प्रकृति की गोद में पलता यह दुलारा।

ममता की छाँव में जो जीवन है पाता,

ऐसा मासूम रूप हर दिल को है भाता।


कोमल हिरन के नन्हे से प्राण,

मनुष्यों की ममता का उमड़ा तूफान।

बोतल से छलक रहा जीवन का आधार,

बेजुबान के लिए मानवता का यह अनुपम उपहार।

Photo By Shri Vikram Singh Rajpurohit


झाड़ियों की ओट से जो ताके भोली नजरों से,

प्रेम की भाषा सीखे जो ममता भरे पहरों से।

अंचल की छाँव में पाकर जीवन का नया सवेरा,

इस सुंदर संसार में जगता हर दिल का अंधेरा।



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