मंगलवार, अगस्त 25

कोमल हिरन के नन्हे से प्राण

कोमल सी काया, आँखों में भोलापन सारा,

प्रकृति की गोद में पलता यह दुलारा।

ममता की छाँव में जो जीवन है पाता,

ऐसा मासूम रूप हर दिल को है भाता।


कोमल हिरन के नन्हे से प्राण,

मनुष्यों की ममता का उमड़ा तूफान।

बोतल से छलक रहा जीवन का आधार,

बेजुबान के लिए मानवता का यह अनुपम उपहार।

Photo By Shri Vikram Singh Rajpurohit


झाड़ियों की ओट से जो ताके भोली नजरों से,

प्रेम की भाषा सीखे जो ममता भरे पहरों से।

अंचल की छाँव में पाकर जीवन का नया सवेरा,

इस सुंदर संसार में जगता हर दिल का अंधेरा।



गुरुवार, अगस्त 13

जीवन में समझ बहुत ही जरूरी है।


जीवन में समझ बहुत ही जरूरी है।
जितनी समझ गहरी होती है उतना ही जीवन सुखी और समृद्ध होता है।

हर किसी को समझना हर किसी के वश में नहीं होता है 

जौहरी ही हीरे को परख सकता है।
अन्य नासमझ लोग पत्थर ही समझेंगे 
आपका जीवन समझ और प्रेम से भरा रहे।

शनिवार, अगस्त 1

परिपक्वता जीवन को सहज और सुंदर बनाती है।

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, छोटे अक्षर दिखाई नहीं देते.

शायद यह एक इशारा है कि बढ़ती उम्र के साथ छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना सीख लेना चाहिए।

फोटो AI जेनरेट
हमें जीवन में छोटी-छोटी बातों को दिल से (हृदय) बिल्कुल नहीं लगना चाहिए हर छोटी गलती पर लोगों से उलझने से मानसिक शांति की कमी हो जाती है जैसे-जैसे अनुभव होता है वैसे-वैसे हमें यह समझ में भी आना चाहिए कि किस बात को हमें तुल देना है और किस बात पर मुस्कुराकर लोगों को नजर अंदाज कर देना है यही परिपक्वता जीवन को सहज और सुंदर बनाने में काफी मददगार होती है।  हालांकि ऐसा हमारे लिए करना थोड़ा मुश्किल जरूर होता है लेकिन प्रयास जरूर किया जा सकता है मैं वर्तमान समय में इन्हीं सभी चीजों से सामना कर रहा हूं और मुझे पता है कि यह करना संभव नहीं है हर किसी के लिए।

मिलते हैं फिर एक नए अनमोल और सकारात्मक विचार के साथ

आपका सवाई सिंह राजपुरोहित