बुधवार, जुलाई 19

भगवान अर्थात परमात्मा एक जलती दीप की रौशनी के समान हैं.

जो केवल अंतरात्मा से देखा जा सकता है, बाहरी नजरों से देखना यू आसान नहीं हैं। वैसे अगर हम अभी तक जीवित भी है तो सिर्फ वो सिर्फ उनकी कृपा से, और भगवान का अकाउंट अर्थात् लेखा जोखा किसी एक जन्म का नहीं होता उनके पास तो जन्म जन्मांतर का होता हैं।

नीचे के हिसाब किताब गड़बड़ हो सकते है परंतु उनके यहां का नहीं। ये दुनिया आस्था और विश्वास पर टिकीं है। हमारी आस्था और विश्वास भी है एक दिन जरूर सब ठीक हो जाएगा। ऊपर वाले पर भरोसा रखो।



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