गुरुवार, मार्च 31

आज का उद्धरण



इतने अच्छे बने कि आपकी उपेक्षा करने का किसी में साहस ही न हो.
 
                              
                                                                  स्टीव मार्टिन

शनिवार, मार्च 26

आज का उद्धरण



प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह याद रखना बेहतर होगा कि सभी सफल व्यवसाय नैतिकता की नींव पर आधारित होते हैं




 
                                     हैनरी वार्ड बीचर


बुधवार, मार्च 23

भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को शत शत नमन...


       आज के दिन 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव, 
राजगुरु हंसते-हंसते लाहौर जेल में फांसी के फंदे पर झूल गए थे। आजाद भारत न उनके सपनों को पंख दे सका 
                     और न उनकी शहादत के मायने समझ सका!                                                                                                                
 आगरा में नूरी गेट स्थित इस मकान में कभी शहीद भगत सिंह रहे थे! आज यह जर्जर हालत में पड़ा हुआ है!


भगतसिंह की साहस का परिचय इस गीत से मिलता है जो उन्होने अपने छोटे भाई कुलतार को ३ मार्च को लिखा था!

''उसे यह फ़िक्र है हरदम तर्ज़-ए-ज़फ़ा (अन्याय) क्या है

हमें यह शौक है देखें सितम की इंतहा क्या है

दहर (दुनिया) से क्यों ख़फ़ा रहें,

चर्ख (आसमान) से क्यों ग़िला करें
सारा जहां अदु (दुश्मन) सही, आओ मुक़ाबला करें''

भगत सिंह

जन्म - तिथि:   २७ सितंबर, १९०७
जन्म - स्थान:   लायलपुर, पंजाब, ब्रिटिश भारत
मृत्यु - तिथि:   २३ मार्च, १९३१ (आयु २३)
मृत्यु - स्थान:   लाहौर, पंजाब, ब्रिटिश भारत
आंदोलन:   भारतीय स्वतंत्रता संग्राम
प्रमुख संगठन: नौजवान भारत सभा, कीर्ती किसान                पार्टी एवं हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन असोसिएशन
धर्म: सिख धर्म (आरंभीक वर्ष), नास्तिक
प्रभाव राजविप्लव, साम्यवाद, समाजवाद



शहीद भगत सिंह,सुखदेव और राजगुरु जिंदाबाद 
 सारे जहा से अच्छा हिंदोस्ता हमारा इंकलाब जिंदाबाद 


इन शब्दों के साथ "सुगना फाऊंडेशन-मेघ्लासिया जोधपुर" ,"एक्टिवे लाइफ" और "आज का आगरा" बलोग की तरफ से शहीदों को शत शत नमन (पुण्यतिथि के अवसर पर देश के इन वीर 
सपूतों को शत शत नमन) 

मंगलवार, मार्च 22

आज का उद्धरण 22 3 11


“यह मत मानिए कि जीत ही सब कुछ है,
अधिक महत्व इस बात का है कि 
आप किसी आदर्श के लिए संघर्षरत हों!
दि आप किसी आदर्श पर डट नहीं सकते तो आप जीतेंगे क्या?”

                                                                                   लेन कर्कलैंड        

शनिवार, मार्च 19

होली की खुब सारी शुभकामनाये.

         मित्र क्या है? एक आत्मा जो दो शरीरों में निवास करती है.

                                                                                           अरस्तू 
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हफ़्तों तक खाते रहो,
गुझिया ले ले स्वाद.
मगर कभी मत भूलना 

नाम भक्त प्रहलाद.
            
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   इस से पहले होली की शाम हो जाए,
                              बधाइयों का सिलसिला आम हो जाए,
भीड़ मे शामिल हमारा नाम हो जाए
                          क्यू ना होली की अभी से राम राम हो जाए
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              रंग के त्यौहार में
                             सभी रंगों की हो भरमार
                           ढेर सारी खुशियों से भरा हो आपका संसार
                   यही दुआ है हमारी भगवान से हर बार।

आपको और आपके परिवार को होली की खुब सारी शुभकामनाये इसी दुआ के साथ आपके व आपके परिवार के साथ सभी के लिए सुखदायक, मंगलकारी व आन्नददायक हो। आपकी सारी इच्छाएं पूर्ण हो व सपनों को साकार करें। आप जिस भी क्षेत्र में कदम बढ़ाएं, सफलता आपके कदम चूम......

होली की खुब सारी शुभकामनाये........

              सुगना फाऊंडेशन-मेघ्लासिया जोधपुर ,"एक्टिवे लाइफ"   और "आज का आगरा" बलोग की ओर होली की खुब सारी हार्दिक शुभकामनाएँ..

समय मिले तो ये पोस्ट जरूर देखें.
"गौ ह्त्या के चंद कारण और हमारे जीवन में भूमिका!"
लिक  http://sawaisinghrajprohit.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

    आपका कीमती सुझाव और मार्गदर्शन अगली पोस्ट को और अच्छा बनाने में 
    मेरी मदद करेंगे! धन्यवाद….. 

                                                                              आपका सवाई सिंह

बुधवार, मार्च 16

आज का उद्धरण 16 3 11



जिसे इंसान से प्रेम है और इंसानियत की समझ है,      
उसे अपने आप में ही संतुष्टि मिल जाती है
 

                                                                                 स्वामी सुदर्शनाचार्य जी                 



सोमवार, मार्च 14

आज का उद्धरण


प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह याद रखना बेहतर होगा कि सभी सफल व्यवसाय नैतिकता की नींव पर आधारित होते हैं
                                                                                                                                                                                                                                                         हैनरी वार्ड बीचर

रविवार, मार्च 13

आज का उद्धरण


प्रत्येक समस्या अपने साथ आपके लिए 
एक उपहार लेकर आती है
 
एक उपहार
                                                                                                                          
                                                           
                                                                                                          रिचर्ड बैक             

 "गौ ह्त्या के चंद कारण और हमारे जीवन में भूमिका!" 
 अगर आप गो माता से  प्रेम करते है तो ये लेख आपके लिए है आप अपने सुझाव और संदेश जरुर दे!....सवाई
  

मंगलवार, मार्च 8

सुगना फाऊंडेशन की ओर समस्त महिला ब्लोगर्स को बहुत -बहुत शुभ कामनाए


आज मंगलवार 8 मार्च 2011 के
महत्वपूर्ण दिन अन्त रार्ष्ट्रीय महिला दिवस के मोके पर देश व दुनिया की समस्त महिला ब्लोगर्स को  सुगना फाऊंडेशन जोधपुर की ओर हार्दिक शुभकामनाएँ.. 

 बेटी बनकर आई हूं मैं मां बाप के जीवन में, बसेरा होगा मेरा किसी और के आंगन में। क्यों यह रीत भगवान ने बनाई होगी, कहते हैं आज नहीं तो कल तू परायी होगी। क्यों रिश्ता हमारा इतना अजीब होता है, क्या बस यही हम बेटियों का नसीब होता है।’’


सुगना फाऊंडेशन  के विषम में ये मेरी माताजी {स्व० श्रीमती सुगना कंवर} की याद में बनाया गया है जिनका स्ग्वास 1 सितम्बर 2008  हो गया था! 

"हैम्स ओसिया इन्स्टिट्यूट" के द्वारा इनकी "प्रथम पुण्य तिथि सन् 2009 पर "सुगना फाउंड़ेशन "मेघालासिया" की स्थापना कि गई बाकी जो कारया आप करना चाहती थी उन कार्यो को अब "सुगना फाउंड़ेशन" का हर सदस्य एंव कार्यकर्ता करे! इसी उद्देश्य से स्थापना की गई है !

आज "सुगना फाउंड़ेशन" ने सामाजिक उत्थान के कारया के साथ साथ " ग्रामीण विकास के लिए कई कारया करने की योजना बनाई है ! इसके तहत ग्रामीण विद्यार्थियो के लिए ज्ञान प्रसार की पवित्र भावना से निः शुल्क स्टेशनरी सामग्री का प्रबंध एंव समाज में जो विशेष योगदान करने वालो को सम्मानित एंव उनको आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है !

    इनकी द्वितीय पुण्य तिथि सन् 2010 में आयोजित कार्यक्रम "श्री बाबा रामदेव जी महाराज" के जन्म महोत्सव पर पैदल यात्रियो के लिए फलाहार एंव मेडिकल सेवाएँ कई विद्यार्थियो तथा अन्य लोगो को सम्मानित किया गया ! इनके "
सुगना शिक्षा पुरूस्कार" शामिल थे!
 
सुगना फाऊंडेशन  के विषम में ओर को जानकारी के लिए 

स्व० "श्रीमती सुगना कंवर" के जीवन पर एक नज़र

               "जीवन का लक्ष्य था समाज की सेवा"
       
      "स्व० श्रीमति सुगना राजपुरोहित" एक नज़र मे तो एक सामान्य नारी की भाँति नज़र आती है ! लेकिन यह सोच इनकी जीवन शैली पढ़कर बदल जाएगी इन्होने अपने जीवन में तूफ़ानी झंझावतों
को झेलकर,आँधियों को मोड़ कर, अंधकार को चीरकार, परेशानियो को मसलकर एक नई राह बनाई और परिवार के साथ-साथ समाज सेवा में भी नाम रोशन किया! 

  इनका जन्म जोधपुर के एक छोटे से गाँव "कनोडीया" में सन् "जुलाई 1960 ई० मे (वि० स० 2017) लगभग में हुआ था! इनके पिता का नाम "स्व० श्री कौशल सिहं सेवड़" एक ज़मींदार किसान थे ! इनकी माता का नाम "स्व० श्रीमति मैंना देवी था ! माता पिता दोनो से सुगना कंवर उर्फ रत्न कंवर काफ़ी प्रभावित थी!

  इनको अपना आदर्श मानती थी ! छ: भाई बहनो मे सुगना कंवर उर्फ रत्न कंवर सबसे छोटी थी इसलिए सबसे लाडली थी तथा इनके बड़े भाई "श्री भंवर सिह" (पूर्व एम० टी० ओफिसर आर० ए० सी० पुलिस राजस्थान) इनको प्यार से बाया बाई-सा" कहते थे ! इनके समय मे गाँव मे लड़कियों को नहीं पढ़ाया जाता था!

  इनकी शिक्षा बड़े भाई के द्वारा घर पर हुई थी, इनके पिता "स्व० श्री ठा० कौशल सिंह" ने अपनी पुत्री को सदैव सत् संस्कार तथा समाज़ सेवा की सीख दी, साथ ही प्रभु कृपा से इनमे मानवीय गुण कूट-कूट कर भरे थे!

इनको बचपने से ही धार्मिक विचारो एंव समाज सेवा मे रूचि थी इनके पिता का समाज मे काफ़ी नाम था, इसलिए लोग आज भी उन्हे याद करते हैं , इसलिए इनकी रूचि समाज़ सेवा के प्रति और आकर्षित हुई!

 इनकी शादी मात्र "16 वर्ष की अल्प आयु" मे श्री बिरम सिंह पुत्र श्रीमान ठा० सुजान सिंह सिया" गाँव "मेघालासिया" जिला "जोधपुर" मे हुआ था ! इनकी माता जी सदैव कहती थी ! हमारी "रत्न" बहुत छोटी है ! लेकिन इन्होने परिवार की ज़िम्मेदारी बहुत जल्दी ही संभाल ली थी ! इनके देवर बहुत छोटे थे ! जिनकी देखभाल (परवरिश) भी इनको ही करनी पड़ती थी

   क्योंकि इनकी सासू माँ का स्वर्गवास इनकी शादी से कुछ वर्ष पूर्व हुआ था इसलिए अपने तीन देवरो व एक ननद की ज़िम्मेदारी भी इनके कंधो पर थी उन्हे अपने पैरो पर खड़ा किया और इसके लिए इनको काफ़ी संघर्ष का सामना करना पड़ा था ! इनके तीन पुत्र एंव दो पुत्री थी ! जिनकी परवरिश बखूबी पूर्ण की इन्होने कभी हिम्मत नही हारी (जीवन के हर सफ़र में)!
 
         इनकी समाज सेवा मे बचपन से ही नाता रहा है ! इसलिए शादी के बाद भी परिवार की ज़िम्मेदारियों के साथ- साथ समाज़ सेवा में बहुत योगदान दिया था ! इनके सहयोग से आयोजित "प्राक्रतिक चिकित्सा शिविर" कई स्थानो पर सफलता पूर्ण किए गये तथा जिससे प्राक्रतिक चिकित्सा के प्रति लोगो की रूचि बढ़ी तथा इस चिकित्सा पद्धति के लोगो को जागरूक किया तथा ये शिविर आज भी लगाए जाते है यह सब इनके प्रयास से ही संभव हुआ था !

    इनके परिवार की गिनती आज "समाज सेवा" परिवरो में होती है ! इन्होने जीवन के अंतिम समय में भी एकता की मिसाल दी थी! इसका ही उदाहरण है कि परिवार से जिन सदस्यो ने आपस मे दूरी बना ली थी! वे फिर से संगठित हो गये परंतु विधि के विधान के अनुसार 48 वर्ष की अवस्था में 1 सितंबर 2008 दिन सोमवार(हिन्दी माह वि० स०
2065 भादवा सुदी द्वितीया में हमें छोड़कर स्वर्गवासी हो गई! 

 स्व० श्रीमती सुगना कंवर" कहती थी -
                    जो जीवन दूसरों के काम आए तो उसे ही जीवन कहते हैं जो दूसरो के दुख मे दुखी और सुख मे सुखी होता है उसे इंसानियत कहते है!
 
किसी ने ठीक कहा है! 

यू तो दुनिया में सदा रहने कोई नहीं आता है! 
     आप जैसे गई इस तरह कोई नहीं जाता है
इस उपवन् का दायित्व सौंपकर इतनी 
     जल्दी संसार से कोई नही जाता है!
 
     आभार
हैम्स ओसिया इन्स्टिट्यूट 

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और 
 अन्त रार्ष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष     
   आज का उद्धरण 


"नारी से ही पुरुष को विजय मिलती है, फिर जहां मां की प्रेरणा काम करे वहां असंभव कुछ भी नहीं है।"


                                                 लक्ष्मीनारायण मिश् {हिंदी कवी} 




"आज का आगरा" ब्लॉग की तरफ से सभी मित्रो और पाठको को  
"अन्त रार्ष्ट्रीय महिला दिवस" की बहुत बहुत शुभकामनाये !
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"गौ ह्त्या के चंद कारण और हमारे जीवन में भूमिका!" 
 आपके सुझाव और संदेश जरुर दे!
                                                    

                                                                        आपका सवाई  

सोमवार, मार्च 7

आज का उद्धरण





इस दुनिया में जो कुछ हम अर्जित करते हैं, उससे नहीं अपितु जो कुछ त्याग करते हैं, उससे समृद्ध बनते हैं”      

                                           हैनरी वार्ड बीचर                                                        


शनिवार, मार्च 5

आज का उद्धरण


अधिकांश सफल व्यक्ति जिन्हें मैं जानता हूं वे ऐसे व्यक्ति हैं जो बोलते कम और सुनते ज्यादा हैं.

 

                                                                              बर्नार्ड एम. बारूच

 

गुरुवार, मार्च 3

आज का उद्धरण





"जो लोग आपके बुरे समय में आपका साथ देते हैं 
और सहयोग करते हैं केवल उन्हें ही यह हक है 
कि वे आपकेे अच्छे दिनों में भी आपके साथ 
खुशियों के भागीदार और साथी बन सकें।"


                                                                            चेतन भगत (लेखक) 


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बुधवार, मार्च 2

Aaj Ka Quote Of The Day 2-3-11


    “िस चीज को आप बदल नहीं सकते हैं,       
      आपको उसे अवश्य ही सहन करना चाहिए.”         
    

                                                            स्पेनी कहावत